Gaura Ko Vyahne Bhole Nath Aa Gaye Hai
( देखो देखो यह बाराती,
यह बारातियों का हाल,
बैल पे चढ़ क़र मेरे, भोले नाथ आए हैं l
अंधे काने और लूले लंगड़े,
संग में बाराती लाए हैं l )
योगी भेस धरकर, नंदी पे चढ़कर ll,
”गौरां को व्याहने भोले, नाथ आ गए हैं” l
हाँ,,,देख देख दूल्हा, और बाराती ll,
”राजा हिमाचल मैना, घबरा रहे हैं” l
हो,,,योगी भेस धरकर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हो देख करके, दूल्हा सखियाँ, घबरा गई हैं,
“दौड़ी दौड़ी गौरां के, पास आ गई हैं” हाँ,,, ll
बोली सखियाँ जाकर, दूल्हा सौ बरस का ll,
”मुँह से बाहर उसके, दाँत आ रहे हैं” l
हो,,,योगी भेस धरकर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हो माथे पे चँदा, जट्टा में है गंगा,
”भस्म रमाए भोला, मस्त मलंगा” हाँ,,, ll
भूत प्रेत सारे, ढोलक बजाएँ ll,
”शुक्र शनिचर, नाच गा रहे हैं” l
हो,,,योगी भेस धरकर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हो हाथ जोड़ करके, बोली गौरां प्यारी,
“रूप दिखाओ असली, भोले भंडारी” हाँ,,, ll
सत्रह बरस के, बने भोले बाबा ll,
”लोहिया कहे यह मेरे, मन भा गए हैं” l
हो,,,योगी भेस धरकर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile