Gaura Ko Vyahane aaye Gayio Re
गौरां को lll व्याहने, आए गयिओ रे,
मेरा भोला भंडारी ll
भोला भंडारी, मेरा भोला भंडारी l
बैले पे lll चढ़ के, आए गयिओ रे,
मेरा भोला भंडारी l
गौरां को व्याहने,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हँस चढ़े ब्रह्मा जी आए l
गरुड़ चढ़े विष्णु जी आए l
कृष्ण भी lll बंसी, बजाई गयिओ रे,
मेरा भोला भंडारी l
गौरां को व्याहने,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
नौं करोड़ जो गणियाँ आई l
शक्ति पीठों से देवियाँ आई l
सिंघे पे lll दुर्गा, आई गई रे,
मेरा भोला भंडारी l
गौरां को व्याहने,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मँगल शनि चँदा सूरज भी आए l
अपनी अपनी देवीयों को लाए l
अरे ‘भूत lll प्रेत, नचाए गयिओ रे,
मेरा भोला भंडारी l
गौरां को व्याहने,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हाथी शेर गरजते आए l
शिव शँकर के मन को भाए l
अरे ‘सब को lll मस्त, बनाए गयिओ रे,
मेरा भोला भंडारी l
गौरां को व्याहने,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile