गंगा से गंगाजल भरके काँधे शिव की कावड़ धरके एक श्रद्धा और समर्पण से भरा हुआ भजन है, जिसमें भक्त शिव के प्रति अपनी भक्ति और निष्ठा का प्रदर्शन करते हैं। इस भजन में गंगा के पवित्र जल को शिवजी के लिए समर्पित करते हुए, कावड़ लेकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रक्रिया को दर्शाया गया है। कावड़ यात्रा का यह अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक प्रतीक है, जो भक्तों के मन में भगवान शिव के प्रति अपार श्रद्धा और समर्पण को व्यक्त करता है।
Ganga Se Gangajal Bharke Kandhe Shiv Ki Kanwad Dharke Bhajan Lyrics
गंगा से गंगाजल भरके,
काँधे शिव की कावड़ धरके,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो।।
सावन महीने का पावन नजारा,
अद्भुत अनोखा है भोले का द्वारा,
सावन की जब जब है बरसे बदरिया,
सावन की जब जब है बरसे बदरिया,
झूमे नाचे और बोले कावड़िया,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो।।
रस्ता कठिन है और मुश्किल डगर है,
भोले के भक्तो को ना कोई डर है,
राहों में जितने भी हो कांटे कंकर,
राहों में जितने भी हो कांटे कंकर,
हर एक कंकर में दीखते है शंकर,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो।।
कावड़ तपस्या है भोले प्रभु की,
ग्रंथो ने महिमा बताई कावड़ की,
होंठो पे सुमिरन हो पेरो में छाले,
होंठो पे सुमिरन हो पेरो में छाले,
‘रोमी’ तपस्या हम फिर भी कर डाले,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो।।
गंगा से गंगाजल भरके,
काँधे शिव की कावड़ धरके,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो,
भोले के दर चलो लेके कावड़ चलो।।
“गंगा से गंगाजल भरके काँधे शिव की कावड़ धरके” जैसे भजन हमें भगवान शिव के प्रति हमारी भक्ति को और भी दृढ़ बनाने की प्रेरणा देते हैं। कावड़ यात्रा और गंगा जल की महिमा इस भजन में भव्य रूप से प्रस्तुत की गई है, जो भक्तों को भगवान शिव के आशीर्वाद की ओर मार्गदर्शित करती है। आप “भोला नहीं माने रे नहीं माने मचल गए नचबे को”, “बम बम भोले त्रिपुरारी तेरी महिमा बड़ी निराली”, “शिव का नाम रटे जा पल पल लागे ना कोई मोल रे”, और “ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो शिव” जैसे अन्य भजनों को भी जरूर पढ़ें। इन भजनों के माध्यम से हम भगवान शिव के आशीर्वाद और कृपा का अनुभव कर सकते हैं।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile