Dulha Bane Hai Shiv Sambhu Ji Aaj
बन ठन देखो चले शिव की बारात
दूल्हा बने है शिव शम्भु जी आज
बाजे नगाड़ा ढोल डमरू का साज
दूल्हा बने है शिव शम्भु जी आज
संग में लेके चले बाराती भुत प्रेत की टोली
शुक शानिषर संग में नाचे नाचे संग अगोड़ी,
हुआ रंगीन आज सबका मिजाल
दूल्हा बने है शिव शम्भु जी आज
भस्म लगाये तन पे पेहले देखो मर्ग की शाला
देख छटा हर कोई ढंग है दूल्हा गजब निराला
नाग गले सिर चंदा का ताज
दूल्हा बने है शिव शम्भु जी आज
कोई गांजा चिलम चडावे भंगिया कोई खाए
ज्योती शर्मा हाथ जोड़ के शिव का भजन सुनाये
किसी के न पैर न किसी के है हार
दूल्हा बने है शिव शम्भु जी आज

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile