जब महाकाल स्वयं दूल्हा बनते हैं, तो पूरा ब्रह्मांड उनके विवाह का साक्षी बनता है। दूल्हा बने हैं महाकाल राजा भजन शिव विवाह की उस दिव्य घटना को स्मरण कराता है, जब कैलाशपति शंकर ने माता पार्वती से विवाह किया था। यह भजन हमें महादेव के इस विशिष्ट रूप की अनुभूति कराता है और उनके विराट स्वरूप की भव्यता को दर्शाता है।
Dulha Bane Hai Mahakal Raja
श्लोक –
ओम तत्पुरुषाय विद्महे,
महादेवाय धीमहि,
तन्नो रुद्र प्रचोदयात।
मची है धूम सारे जगत में,
मची है धूम सारे जगत में,
दूल्हा बने है महाकाल राजा,
नंदी पे आए करके सवारी,
नंदी पे आए करके सवारी,
दूल्हा बने हैं महाकाल राजा,
आए भस्म रमाकर,
जटा में चंद्र सजाकर,
हो माँ गौरा के प्यारे,
औघड़दानी शंकर,
जो इनके दर्शन पाता,
कभी खाली ना जाता,
सभी कष्टों को हरते,
शंभूनाथ भयंकर,
आया है शुभ दिन खुशियां मनाओ,
आया है शुभ दिन खुशियां मनाओ,
दूल्हा बने हैं महाकाल राजा,
मची है धूम सारे जगत में,
दूल्हा बने हैं महाकाल राजा।1।
दर्शन पाने को हर्षित है,
जन जन का मन आज तो देखो,
दूल्हा बने हैं आज हमारे,
भोले शंकर आज तो देखो,
भूतों की बारात है,
संग नंदी जी भी साथ है,
गौरा जी से ब्याह रचाने,
आए भोलेनाथ है,
आया है शुभ दिन खुशियां मनाओ,
आया है शुभ दिन खुशियां मनाओ,
दूल्हा बने हैं महाकाल राजा।2।
मची है धूम सारे जगत में,
मची है धूम सारे जगत में,
दूल्हा बने है महाकाल राजा,
नंदी पे आए करके सवारी,
नंदी पे आए करके सवारी,
दूल्हा बने हैं महाकाल राजा,
आए भस्म रमाकर,
जटा में चंद्र सजाकर,
हो माँ गौरा के प्यारे,
औघड़दानी शंकर,
जो इनके दर्शन पाता,
कभी खाली ना जाता,
सभी कष्टों को हरते,
शंभूनाथ भयंकर,
आया है शुभ दिन खुशियां मनाओ,
आया है शुभ दिन खुशियां मनाओ,
दूल्हा बने हैं महाकाल राजा,
मची है धूम सारे जगत में,
दूल्हा बने हैं महाकाल राजा।3।
महाकाल का विवाह केवल एक पौराणिक कथा नहीं, बल्कि भक्तों के लिए एक दिव्य उत्सव है। “दूल्हा बने हैं महाकाल राजा” भजन की तरह “भोले बाबा के बारात जाबो”, “चिता भस्म से रोज इनका होता रूप श्रृंगार”, “शिव जी की सवारी आई भोले की सवारी”, और “शंकर भोले भंडारी तुम जन जन के हितकारी” जैसे भजन भी महादेव की अनोखी लीलाओं और उनकी भव्यता का दर्शन कराते हैं। आइए, इन भजनों का पाठ करें और शिव विवाह की दिव्यता को हृदय में बसाएं। ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile