Dar Pe Bula Lijiye
अब कभी मुझसे रूठे नहीं ऐसी किस्मत सजा दीजिए,
हे महाकाल राजा मुझे अपने दर पे बुला लीजिए……
रंग लाती नहीं इसलिए भोले बाबा ये अर्जी मेरी,
कैसे आऊं नगरिया तेरी होगी जब तक ना मर्जी तेरी,
शीश आकर झुकाऊं तुम्हें ऐसे योग लगा दीजिए,
हे महाकाल राजा मुझे अपने दर पे बुला लीजिए……
देख पाए ना मेरे सिवा मेरे शंभू जमाना तुझे,
अपनी नगरी घुमाना मुझे अपनी बातें बताना मुझे,
भक्तों के साथ शंभू मेरे वक्त थोड़ा बिता लीजिए,
हे महाकाल राजा मुझे अपने दर पर बुला लीजिए……
हम पे नजरे करम कीजिए भूलके मेरी नादानियां,
वक्त मेरा सुधर जाएगा जो करोगे मेहरबानियां,
भोले भाले से मेरे प्रभु अब तो मेरा भला कीजिए,
हे महाकाल राजा मुझे अपने दर पर बुला लीजिए……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile