Damaru Ki Dhun
हे शिव शंकर कैलाशी ओमकारा तू अविनाशी,
तू कण कन का है वासी तू है काशी का निवासी,
तेरा डम डम डम डम डम डम डमरू बाजे रे
तेरे डमरू की धुन पे आज जगत ये नाचे रे….
है रूप तेरा अलबेला ओ भोले भंडारी,
हुई दुनिया दीवानी तेरी शिव भोले त्रिपुरारी,
तेरे शिवालय पे आते है सारे नर व नारी,
तेरे चरणों में झुकती है आकर ये दुनिया सारी,
तेरा डम………
तूने अपना प्यार है बांटा जिसने तुझको ध्याया,
वरदानी तेरी दया का वर सबने है पाया,
तेरी नज़र में सब है बराबर कोई छोटा ना ही बड़ा है,
इस लिए ही लोक ये तीनों तेरे चरणों में ही पड़ा है,
तेरा डम…..
अंत तुम्हीं हो भोला तुम हो पहला नंबर,
तेरे जय जय कार से गूंजे ये धरती ये अम्बर,
लिखे महिमा तेरी कुंदन हे नन्दी के आस्वारी,
राधिका की भाग्य की रेखा भोले तूने ही संवारी,
तेरा डम……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile