Damaru Jo Baaje Hatho Me
डमरू जो बाजे हाथो में,
नाचे धरती और आकाश,
के भोले बाबा नाच रहे,
डमरू जो बाजे हाथो में……
भांग धतुरा भोग लगे,
गल सर्पो की माला है,
गोदी में श्री गणेशजी,
संग में गौरा माता है,
तीनो लोको के स्वामी है,
तीनो लोको के स्वामी है,
ये तो कृपा बाट रहे,
के भोले बाबा नाच रहे,
डमरू जो बाजे हाथो में……
आये जो इनके द्वारे,
करते है वारे न्यारे,
नागो के स्वामी नागेश्वर,
बिगड़े काम बनाते है,
सब की झोली ये आज भरे,
सब की झोली ये आज भरे,
तूम भजन गाओ दिन रात,
के भोले बाबा नाच रहे,
डमरू जो बाजे हाथो में……
ये विश्वास मेरे मन में,
मै शिव का शिव है मुझ में,
नित्य नेम से जो ध्यावे,
भोले है उसके संग में,
देवो के देव महादेव है,
देवो के देव महादेव है,
ये तो विपदा हरते है,
के भोले बाबा नाच रहे,
डमरू जो बाजे हाथो में……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile