जब भगवान भोलेनाथ के हाथों में डमरू गूंजता है, तो सृष्टि में एक नई ऊर्जा प्रवाहित होती है। “डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का” भजन हमें शिवजी के तांडव, उनकी शक्ति और उनकी दिव्य लय का अनुभव कराता है। यह भजन शिवभक्तों को उनके डमरू की ध्वनि में रमने, उनकी भक्ति में झूमने और अपने भीतर आध्यात्मिक जागरण का एहसास कराने की प्रेरणा देता है। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं महादेव तांडव कर रहे हों।
Damaru Baje Bholenath Ka
एक जोगी कैलाश के ऊपर,
जिनके सिर पे गंगा,
देख रहा सारी दुनिया को,
बैठा मस्त मलंगा,
जिनके मस्तक पे बैठा चंदा है,
और जटा जूट में गंगा है,
वो तो अपनी ही मस्ती में आके,
वो डमरू बजाके,
गोरा सन्ग पर्वत पर नाचे,
डम डम डम डम,
डम डम डम डम बाजे,
बाजे रे बाजे डमरू बाजे,
मेरे भोलेनाथ का,
डमक डम डमरू बाजे,
मेरे भोलेनाथ का।1।
लेके भूतों का संग में टोला,
मेरा बाबा शंकर भोला,
बाबा सबको बुलाए,
उन्हें नाच नाचाए,
सारा कैलाश डगमग डोला,
ऊंचे पर्वत पे करके धमाल,
बजाए भोला डम डम डमरू,
गोरा मैया भी नाचे दे दे ताल,
बांध के पैरों में घुंघरू,
जमजम बाजे झांझ नगाड़े,
छम छम घुंघरु बाजे,
डम डम डम डम,
डम डम डम डम बाजे,
बाजे रे बाजे डमरू बाजे,
मेरे भोलेनाथ का,
डमक डम डमरू बाजे,
मेरे भोलेनाथ का।2।
शम शम शम शमशानों में,
जो रहने वाला,
गम गम गम गंगा को,
शीश पे धरने वाला,
जोगी है मतवाला,
गले मुंडो की माला,
कंठ भुजंग बिराजे,
चंदा मस्तक पर है साजे,
डम डम डम डम,
डम डम डम डम बाजे,
बाजे रे बाजे डमरू बाजे,
मेरे भोलेनाथ का,
डमक डम डमरू बाजे,
मेरे भोलेनाथ का।3।
महिमा तुम्हारी भोले,
जग से निराली,
खाली ना लोटा कोई,
दर से सवाली,
गोरे बदन पे है,
जटा ये काली,
भोले की झांकी तो,
जग से निराली,
दुनिया का कण-कण है,
जिनका पुजारी,
कालो के काल,
मेरा भोला भंडारी,
‘लव और कुश’ का,
मन मयूर भी,
झूम झूम के नाचे,
डम डम डम डम,
डम डम डम डम बाजे,
बाजे रे बाजे डमरू बाजे,
मेरे भोलेनाथ का,
डमक डम डमरू बाजे,
मेरे भोलेनाथ का।4।
भगवान शिव का डमरू केवल एक वाद्ययंत्र नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की अनंत ध्वनि है, जिससे संपूर्ण सृष्टि का संचालन होता है। “डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का” भजन की तरह “बम बम भोले जय शिव शंकर”, “भोलेनाथ से नैना मिलाने चले”, “शिव शंभू जय शंकर”, और “हर हर महादेव बम बम बोले” जैसे भजन भी हमें शिव जी की महिमा, उनके तांडव और उनकी अपार कृपा से जोड़ते हैं। आइए, इन पावन भजनों का पाठ करें और महादेव की भक्ति में लीन होकर उनके आशीर्वाद को प्राप्त करें। ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile