Dada Base Dil Me
दादा अखंड तेरी जोत जले, तू हम सबके दिल में बसे
जो बंद करूँ आंखें मैं बस तुझे देखूं,
जय भैरव दादा, चौमुखा दादा खडखड़ा के दादा,
जय भैरव दादा
जब घबराए मन मेरा, नाम लूं मैं किसका,
छोड़ तेरे दर को दादा, जाऊं धाम किसका,
नहीं नहीं, कोई नहीं, मेरा बस तू ही है
मन को मेरे बस तू भाए जिसपे ये नजर रुक जाए,
जो बंद करु आखें मै बस तुझे देखूं
जय भैरव दादा………..
हम सभी भक्त है आये, दरशन को तेरे,
हम तेरे बन गये दादा,तुम बन जाओ मेरे,
लिया नहीं, कुछ भी तूने, दिया ही दिया है
तुझको कर रहे हम अर्पण, सब हमारा तन मन और धन,
जो बंद करूँ आखे मैं बस तुझे देखूं,
जय भैरव दादा……..
जब से पाया है दर तेरा, खुशियां है छाई,
पतझड़ था जीवन मेरा, है बहारे आई,
ज्योति करें अरजी यही तुम हमे संभालना
जो भी तेरे दर पर आए, वर तुमसे पल में पाये,
जो बंद करूँ आखें मैं बस तुझे देखूं
जय भैरव दादा…….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile