Chale Bhole Baba Liye Sang Barati
गले नाग काले, बाघम्बर है तन पे ll,
“चले भोले बाबा, लिए संग बाराती” l
ना बारात पहले, कभी ऐसी देखी ll,
“है शोभा निराली जो, बखानी ना जाती” l
गले नाग काले,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मसानो की भस्मी, बनाई है उबटन,
“है मुंडो की माला, दूल्हे के कण्ठन” हाँ,,, ll
है सेहरे के बदले, जटाजूट सर पे ll,
”जटाओ में गंगा की, धारा सुहाती” l
ना बारात पहले, कभी ऐसी देखी ll,
“है शोभा निराली जो, बखानी ना जाती” l
गले नाग काले,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
ना रथ है न घोड़ी, नादिया पे सज के,
“चले गौरा ब्याहने, शिव दूल्हा बन के” हाँ,,, ll
है त्रिशूल कर में, बंधा जिसपे डमरू ll,
“झूम झूम श्रष्टि भी, गीत गुनगुनाती” l
ना बारात पहले, कभी ऐसी देखी ll,
“है शोभा निराली जो, बखानी ना जाती” l
गले नाग काले,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
कोई जाए गंजा, कोई जाए नंगा,
“कोई सिर कटा कोई, जाए भुजंगा” हाँ,,, ll
बनाकर के टोली, भुत प्रेत नाचे ll,
“निराला है दूल्हा, निराले है साथी” l
ना बारात पहले, कभी ऐसी देखी ll,
“है शोभा निराली जो, बखानी ना जाती” l
गले नाग काले,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
नाचते है सारे, देव हो या दानव,
“नहीं आती हर दिन, घड़ी ऐसी पावन” हाँ,,, ll
है शिव के विवाह की, कहानी निराली ll,
“कहे कैसे योगी, बखानी ना जाती” l
ना बारात पहले, कभी ऐसी देखी ll,
“है शोभा निराली जो, बखानी ना जाती” l
गले नाग काले,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile