Bol Bholenath Tumhe Kya Bhog Lagaya Jaye
क्या खिलाया जाए क्या पिलाया जाए,
बोल भोलेनाथ तुम्हें क्या भोग लगाया जाए……
आप खुश हो जाएं मैं वों ही मंगवा दूं,
आक़ धतूरे की बूटी बोलो पिसवादू,
बोलो भोले जी बोलो जरा अखियां तो खोलो,
भांग घुटवादू किसमिस डाली जाए, बादाम मिलाया जाए,
बोल भोलेनाथ तो तुम्हे क्या भोग लगाया जाए…..
बर्फी रबड़ी कलाकंद भी आ जाए,
हलवा पूरी बोलो तो अभी बन जाए,
खीर चूरमा के साथ बोलो हे भोलेनाथ,
और क्या लाऊं दही मंगाया जाए, रायता बनवाया जाए,
बोल भोलेनाथ तुम्हें क्या भोग लगाया जाए….
आम अमरूद खाओ बाबा खरबूजा,
सेब संतरा अनार ले लो तरबूजा,
काले अंगूर प्यारे संग में आलूबुखारे पिओ रुआब्जा,
दूध चढ़ाया जाए जो तेरे मन को भाए,
बोल भोलेनाथ तुम्हें क्या भोग लगाया जाए….
गंगाजल की कावड़ मैं भी ले आऊं,
बड़े प्रेम से भोले जी तुम्हें निहलाऊ,
बोलो बम बम का नारा जो लगे तुझको प्यारा,
फूल बरसाए भस्मी रमाए जाए या शंख बजाया जाए,
बोल भोलेनाथ तुम्हे क्या भोग लगाया जाए…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile