Bholenath Se Pyar
जबसे तूने थमा है बाबा मेरा हाथ,
दुनिया अब दिखती नही सब दीखते भोलेनाथ,
मुझको तुझपे सबसे ज्यादा ऐतबार हो गया……..
भोलेनाथ पता नहीं तुझसे प्यार कब कब हो गया,
भोलेनाथ पता नहीं तुझसे प्यार कब कब हो गया……
आपकी तारीफ में कोई शब्द मेरे पास नहीं,
आपके शिवा दुनिया में अब कोई मेरा ख़ास नहीं,
तेरे चरणो में रे बाबा सबेरे से दिन ढल गया,
तेरी भक्ति में है सारा मोह मेरा सो गया……
भोलेनाथ पता नहीं तुझसे प्यार कब कब हो गया,
भोलेनाथ पता नहीं तुझसे प्यार कब कब हो गया…..
ओझल करके तू मुझे भोले यु बाहो में लपेट ले,
करुणा की वो हर महिमा दे मुझको खुदमे मुझको समेट ले……..
भोले…. ए….
तुझसे ना बड़ा कोई ग्यानी है ना मुझसे बड़ा कोई अज्ञानी है,
ज्ञान की मुझको रौशनी दे इतनी सी दृष्टि तू सौप दे……..
तेरी बदौलत बेशुरा सुर्र राग में है ढल गया,
तेरे ही प्रेम और भक्ति में मेरा नामो निशाँ हो गया,
भोलेनाथ पता नहीं तुझसे प्यार कब कब हो गया,
भोलेनाथ पता नहीं तुझसे प्यार कब कब हो गया……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile