Bholenath Ka Chela
मार के सुट्टा भरी चिलम,
का भुत जगत में खेल्यासु,
अपने धुन में जिया करू मै,
भोलेनाथ का चेला सु……
कैलाश पे वास करै से,
यो भांग धतुरा पिवनिया,
मस्त बना दे बन्दे ने,
यो मस्ती के मै जीवनिया,
मोह माया ते दूर हो गया,
मेरे नाथ कि गेल्या सु,
अपने धुन में जिया करू,
मै भोलेनाथ का चेला सु,
अपने धुन में जिया करू,
मै भोलेनाथ का चेला सु…..
इस मारया हाथ मेरे भोला साथ,
मै मार धाड़ से पी गया,
चार दिना की जिंदगी थी,
इस जिंदगी ने मै जी गया,
काड माड सु दुनिया काड़ी,
में मै तो साथ अकेला सु,
अपने धुन में जिया करू,
मै भोलेनाथ का चेला सु,
अपने धुन में जिया करू,
मै भोलेनाथ का चेला सु……
चिलम खीच के आँख,
बेच के दर्शन कर लू तेरे,
बियर दिलविच दम,
मारे से डेली शाम सवेरे,
झुलफेगी लोर से चारो ओर,
मै होया फिरू अलबेला सु,
झुलफेगी लोर से चारो ओर,
मै होया फिरू अलबेला सु,
अपने धुन में जिया करू,
मै भोलेनाथ का चेला सु,
अपने धुन में जिया करू,
मै भोलेनाथ का चेला सु……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile