भोलेनाथ की महिमा ही निराली है—वे अपने भक्तों की पुकार पर तुरंत दौड़े चले आते हैं। भोले तू सच में भोला संकट में आवे दौड़ा भजन इस अनमोल सत्य को दर्शाता है कि जब भी कोई सच्चे मन से महादेव को पुकारता है, वे बिना किसी विलंब के उसकी रक्षा के लिए उपस्थित हो जाते हैं। यह भजन हमें शिवजी की करुणा, भोलापन और अपने भक्तों के प्रति उनकी अटूट प्रेमभावना से जोड़ता है।
Bhole Tu Sach Men Bhola Sankt Men Aave Dauda
हर हर महादेव शिव शंभू,
हर हर महादेव,
हर हर महादेव शिव शंभू,
हर हर महादेव,
मन्ने परेशानी बोली,
नंदी के कान में,
नंदी ने अर्जी लगाई,
शंकर के सामने,
उस दिन ते दिन बदले मेरे,
हो गया रे हो गया बेड़ा पार,
भोले तू सच में भोला,
संकट में आवे दौड़ा,
तेरे ते बढ़ता जावे प्यार।1।
ढूंढे से हरकी पौड़ी,
ढूंढे तने दास तेरा,
वास तेरा काशी में है,
सारा कैलाश तेरा,
तेरे ही नाम करूंगा,
जिंदगी के दिन से है जो चार,
भोलें तु सच में भोला,
संकट में आवे दौड़ा,
तेरे ते बढ़ता जावे प्यार।2।
रानी हिमाचल की इक,
पागल तेरे प्यार में भोले,
सुख सारे तेरे खातिर,
छोड़न ने तैयार ने भोले,
मैया उस पार्वती ने,
दिखे बस तुझ में ही संसार,
भोलें तु सच में भोला,
संकट में आवे दौड़ा,
तेरे ते बढ़ता जावे प्यार।3।
दिल ते तने चाहूं भोले,
लालच में पूजु ना रे,
दुख चाहे कितने दे दे,
रीजन कोई पूछु ना रे,
परीक्षा ले ले जितनी,
खड़ा यों ‘सूफी’ भी तैयार,
भोलें तु सच में भोला,
संकट में आवे दौड़ा,
तेरे ते बढ़ता जावे प्यार।4।
हर हर महादेव शिव शंभू,
हर हर महादेव,
हर हर महादेव शिव शंभू,
हर हर महादेव,
मन्ने परेशानी बोली,
नंदी के कान में,
नंदी ने अर्जी लगाई,
शंकर के सामने,
उस दिन ते दिन बदले मेरे,
हो गया रे हो गया बेड़ा पार,
भोले तू सच में भोला,
संकट में आवे दौड़ा,
तेरे ते बढ़ता जावे प्यार।5।
भगवान शिव संकटमोचक हैं, जो अपने भक्तों के हर दुख और संकट को हर लेते हैं। “भोले तू सच में भोला संकट में आवे दौड़ा” भजन की तरह “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता”, “महाकाल की कृपा से सब काम हो रहा है”, “सच्चे मन से भोले को जिसने है ध्याया”, और “शंकर भोले भंडारी तुम जन जन के हितकारी” जैसे भजन भी हमें महादेव की अपार कृपा और उनकी भक्तवत्सलता का अनुभव कराते हैं। आइए, इन भजनों का पाठ करें और शिवजी की शरण में आकर उनके आशीर्वाद से कृतार्थ हों। ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile