भगवान शिव का निवास स्थान केवल कैलाश पर्वत ही नहीं, बल्कि हर वह स्थान है जहां उनके भक्त श्रद्धा से उनका स्मरण करते हैं। “भोले तेरे गांव में नीम की छाँव में” भजन शिवजी की उसी सादगी और निकटता को दर्शाता है, जहां वे भक्तों के बीच सहज रूप से बसते हैं। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो ऐसा लगता है मानो हम भोलेनाथ के गाँव में, नीम की शीतल छाया में बैठकर उनकी भक्ति का आनंद ले रहे हों।
Bhole Tere Gaon Me Neem Ki Chaon Me
भोले तेरे गांव में,
नीम की छाँव में,
गुजर जाए मेरी,
सारी जिंदगी,
बाबा मेरे करना,
बस इतना करम,
साथ रहूं तेरे जब,
निकले ये दम,
तेरा मेरा मेरा तेरा,
प्यार ना हो कम,
सेवा करूं तेरी यही,
मेरा है धरम,
संग रहूं तेरे मिले,
जब भी जनम,
भोलें तेरे गाँव में,
नीम की छाँव में,
गुजर जाए मेरी,
सारी जिंदगी।1।
तू है मेरे साथ,
किस बात की फिकर मुझे,
तू ना रूठ जाए,
मेरे नाथ है ये डर मुझे,
जाना नहीं मांगने,
खैरात किसी दर मुझे,
जो भी मिले तुझसे,
उसी में है सबर मुझे,
मर्जी है तेरी चाहे
खुशी दे या गम,
भोलें तेरे गाँव में,
नीम की छाँव में,
गुजर जाए मेरी,
सारी जिंदगी।2।
बाबा मेरी जिंदगी,
तुम्हारी है गुलाम,
आती जाती सांसों में,
रटू मैं तेरा नाम,
वारू तेरे दर पे,
ये जीवन तमाम,
मेरे रोम रोम पे,
लिखा है तेरा नाम,
भोलें तेरे गाँव में,
नीम की छाँव में,
गुजर जाए मेरी,
सारी जिंदगी।3।
भोले तेरे गांव में,
नीम की छाँव में,
गुजर जाए मेरी,
सारी जिंदगी,
बाबा मेरे करना,
बस इतना करम,
साथ रहूं तेरे जब,
निकले ये दम,
तेरा मेरा मेरा तेरा,
प्यार ना हो कम,
सेवा करूं तेरी यही,
मेरा है धरम,
संग रहूं तेरे मिले,
जब भी जनम,
भोलें तेरे गाँव में,
नीम की छाँव में,
गुजर जाए मेरी,
सारी जिंदगी।4।
महादेव सच्चे हृदय से की गई भक्ति से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों के जीवन में शांति एवं सुख का संचार करते हैं। “भोले तेरे गांव में नीम की छाँव में” भजन की तरह “शिव के चरणों में संसार सारा”, “भोलेनाथ से नैना मिलाने चले”, “तेरी जटा से बहता गंगा जल”, और “शिवोहम शिवोहम” जैसे भजन भी हमें शिव भक्ति के मधुर रस में डुबो देते हैं। आइए, इन पावन भजनों का पाठ करें और महादेव की कृपा प्राप्त करें। ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile