Bhole Tere Chalaye Chalte Sab
धरती सूरज चंद सितारे,
होते ये दिन रात नहीं,
सब तेरे चलाये चलते हैं,
इस दुनिया की औकत नहीं…..
तुही मेघ सुधा बरसवे,
रिमझिम गीत सुनावे,
कोयल की मीठी बोली,
मैं तुही तो हर्षावे,
वहा पे हरियाली करदे,
जहां कभी हुए नहीं बरसती,
सब तेरे चलाये चलते हैं,
इस दुनिया की औकत नहीं…..
दाल दे एक नज़र मुजपर भी,
करदे मन की पूरी,
मैं तो हू मजबूर रे भोले,
तेरी के मजबूरी,
तेरा प्यार मिले मुझे,
क्या मेरी ये औकत नहीं,
सब तेरे चलाये चलते हैं,
इस दुनिया की औकत नहीं…..
पतझड़ को गुलशन कर देती,
गम की रात अंधेरी,
तेरा बच्चा तुझे पुकारे,
करो ना भोले डेरी,
मेरी झोली ना भर पाए,
राजन ऐसी कोई बात नहीं,
भोले सब तेरे चलाये चलते हैं,
इस दुनिया की औकत नहीं……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile