Bhole Tere Bhakto Ko Tera Hi Sahara Hai
भोले तेरे भक्तों को,
तेरा ही सहारा है,
भोले भगतों को,
तेरा ही सहारा है,
बाबा तेरे भक्तों को,
तेरा ही सहारा है,
भोले तेरे भक्तों को…….
आशा निराशा ने,
घेरा परेशान हूँ,
कैसे बचूं इनसे,
आखिर इंसान हूँ,
तेरी दया के बिना,
ओ बाबा तेरी दया के बिना,
अपना ना गुजारा है,
तेरी दया के बिना,
ओ बाबा तेरी दया के बिना,
भोले भगतों को,
तेरा ही सहारा है……..
मालिक तेरे जग का,
अंदाज निराला है,
भक्तों को पीना पड़ा,
यहाँ ज़हर का प्याला है,
पर वो कभी डरे,
जिन्हे साथ तुम्हारा है,
भोले भगतों को,
तेरा ही सहारा है……
किसको कहें अपना,
अपने भी बेगाने हैं,
फुरसत नहीं इनको,
मतलब के दीवाने हैं,
प्रेमी अपने मिला,
ओ बाबा प्रेमी अपने मिला,
जो तुझको दुलारा है,
भोले भगतों को,
तेरा ही सहारा है……..
मीत बनो मेरे,
हमें तेरी जरूरत है,
अपनों के खातिर सुना,
तुम्हे फुरसत ही फुर्सत है,
नंदू तेरी ख़ातिर,
ओ बाबा नंदू तेरी ख़ातिर,
भोले भगतों को,
तेरा ही सहारा है……..
भोले तेरे भक्तों को,
तेरा ही सहारा है,
भोले भगतों को,
तेरा ही सहारा है,
बाबा तेरे भक्तों को,
तेरा ही सहारा है,
भोले तेरे भक्तों को…………

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile