भोले शंकर का ये भोलापन जिसका सारा जगत है दीवाना

भगवान शिव अपने भोलेपन और सरलता के लिए जाने जाते हैं। वे दयालु हैं, तुरंत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। भोले शंकर का ये भोलापन जिसका सारा जगत है दीवाना भजन महादेव के इसी दिव्य स्वरूप की महिमा का गुणगान करता है। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो हमें उनकी भक्ति में अद्भुत आनंद और आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।

Bhole Shankar Ka Ye Bholapan Jiska Sara Jagat Hai Deewana

दोहा –
मंगलमय शिवरात्रि है,
मन मंथन का पर्व।
शिव हितार्थ पूजन करे,
देव मनुज गंधर्व।

भोले शंकर का ये भोलापन,
जिसका सारा जगत है दीवाना,
भोलेशंकर के पावन चरण,
चौदह भुवनो में प्यारा ठिकाना।1।

सबकी स्वासों में सोहम है शिवजी,
चौदह भुवनो के हरम भी शिव जी,
ॐ शिवजी का नाम जपन,
कोटि मंत्रों से रहता बेगाना,
भोले शंकर के पावन चरण,
चौदह भुवनो में प्यारा ठिकाना।2।

सातों सागर का पानी भी कम है,
जितनी दिल में तुम्हारे रहम है,
कैसे रहमत का करूं वर्णन,
जिसे वेदों ने भी ना बखाना,
भोले शंकर के पावन चरण,
चौदह भुवनो में प्यारा ठिकाना।3।

जो गिरा इस जगत की निगाहों में,
उसे तुमने संभाला है बाहों में,
महादेवा मै आया शरण,
अपनी बाहों में मुझको की,
तेरी चौखट पे आया सजन,
भाव भक्ति हृदय में जगाना,
भोले शंकर के पावन चरण,
चौदह भुवनो में प्यारा ठिकाना।4।

भोले शँकर का ये भोलापन,
जिसका सारा जगत है दीवाना,
भोले शंकर के पावन चरण,
चौदह भुवनो में प्यारा ठिकाना।5।

शिव जी की भक्ति हर दुख और संकट का नाश करती है। उनके भजन हमें शिव तत्व से जोड़ते हैं और हमारे मन को शुद्ध करते हैं। जैसे “भोले शंकर का ये भोलापन” महादेव के अलौकिक स्वभाव की झलक दिखाता है, वैसे ही “शिव की नगरी में बसेरा”, “जय शंकर जय गंगाधर”, “शिव तांडव स्तोत्र”, और “ओम नमः शिवाय” जैसे भजन भी हमें शिव आराधना की ओर प्रेरित करते हैं। आइए, इन दिव्य भजनों का पाठ करें और शिव कृपा प्राप्त करें।

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