भोले सा दाता भोले सा दानी

भोलेनाथ की महिमा ही निराली है—वे दयालु भी हैं और परोपकारी भी। भोले सा दाता, भोले सा दानी भजन महादेव की उस उदारता को दर्शाता है, जिसमें वे बिना किसी भेदभाव के अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यह भजन हमें शिवजी के उस विशाल हृदय की याद दिलाता है, जो अपने भक्तों की हर पुकार को सुनता है और उन्हें सदा कृतार्थ करता है।

Bhole Sa Data Bhole Sa Dani

भोले सा दाता भोले सा दानी,
है कौन दुनिया में उन से ज्ञानी,
जो रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी,
रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी।1।

जिसके दरवाजे पर,
राजा रंक भी आते है,
बराबर दर्जा पाते है,
और झोली भर लाते है,
हर ले जो सबकी दुख और हैरानी,
रटता जगत है जिसकी कहानी,
जो रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी,
रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी।2।

बाँट के अमृत जिसने,
खुद ही विष पी डाला है,
जिनका काम निराला है,
बड़ा ही भोला भाला है,
माया को जिनकी समझे क्या प्राणी,
ऐसे हैं मेरे शिव भोलेदानी,
जो रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी,
रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी।3।

ज्योत से जिनकी भक्तों,
जब तक चांद सितारे हैं,
जगत जिससे उजियारा है,
वही सबके रखवारे है,
गाता है ‘दीपक’ जिनकी ही वाणी,
नाम है जिनका शिव भोलेदानी,
जो रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी,
रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी।4।

भोले सा दाता भोले सा दानी,
है कौन दुनिया में उन से ज्ञानी,
जो रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी,
रखता है गंगा सर पे,
चन्दा निशानी।5।

महादेव सच्चे दाता हैं—वे अपने भक्तों की झोली भर देते हैं, बस मन में श्रद्धा और समर्पण होना चाहिए। “भोले सा दाता, भोले सा दानी” भजन की तरह “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता”, “महाकाल की कृपा से सब काम हो रहा है”, “शंकर भोले भंडारी तुम जन जन के हितकारी”, और “सच्चे मन से भोले को जिसने है ध्याया” जैसे भजन भी हमें शिवजी की कृपा और उनकी भक्ति की शक्ति का एहसास कराते हैं। आइए, इन भजनों का पाठ करें और शिवजी की अपार दयालुता का अनुभव करें। ????????

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