Bhole Neelkanth Par Baithe Pee Gaya
अमृत भंगिया पी गए, हरि हरि भंगिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया….
ब्रह्मा आ गए विष्णु आ गए, आ गए सांवरिया,
भोलेनाथ गोरा संग आ गए, घोटे भंगिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया….
ब्रह्मा पी गए विष्णु पी गए, पी गए सांवरिया,
भोलेनाथ ने इतनी पिलाई मुंद गई अखियां,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया….
ब्रह्मा को चढ गई विष्णु चढ़ गई, चढ़ गई सांवरिया,
भोलेनाथ को ऐसी चढ़ गई आ गई निंदिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया….
ब्रह्मा नाचे विष्णु नाचे, नाचे सांवरिया,
भोलेनाथ तो ऐसे नाचे खुल गई लटिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया….
ब्रह्मा की उतरी विष्णु की उतरी, उतरी सांवरिया,
भोलेनाथ की ऐसी उतरी खुल गई निंदिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile