Bhole Nath Bhang Pini Bhul Javega
खाले बाजरे की रोटी भोलेनाथ के भांग पीनी भूल जावेगा…..
बाजरे की रोटी भोले बड़ी रे कमाल की,
देसी घी डाल मैंने दाल तैयार की,
लस्सी भी लाई भोले साथ के भांग पीनी भूल जावेगा,
खाले बाजरे की रोटी……
बाजरे का आटा राजस्थान से लाई,
मीठा-मीठा गु़ड बाबा यूपी से ले आई,
तू मजे से खाले भोलेनाथ के भांग पीनी भूल जावेगा,
खाले बाजरे की रोटी…..
बाजरे की रोटी खा कर पेट भर जावे,
भांग धतूरा तुझे फिर नहीं भावे,
खाता रहेगा दिन रात के भांग पीनी भूल जावेगा,
खाले बाजरे की रोटी…..
बाजरे की रोटी खाकर ठंड नहीं लागे,
लस्सी पी के बाबा मस्ती में जागे,
तू डमरु बजावे दिन रात के भांग पीनी भूल जावेगा,
खाले बाजरे की रोटी…..
तू भी खाले भोले गौरा को भी खिला ले,
कार्तिक को खिला ले और गणपत को खिला ले,
भगत करें फरियाद के भांग पीनी भूल जावेगा,
खाले बाजरे की रोटी…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile