Bhole Meri Kutiya Me
भोले मेरी कुटिया में धीरे धीरे आना,
अभी अभी सोया मेरा श्याम ना जगाना॥
भोले के सिर पे गंगा विराजे,
गंगा ना बहाना, मेरा श्याम ना जगाना,
अभी अभी सोया मेरा श्याम ना जगाना॥
भोले के गले में सर्पो की माला,
सर्प ना दिखाना, मेरा श्याम ना जगाना,
अभी अभी सोया मेरा श्याम ना जगाना॥
भोले के कानो में बिच्छु के कुंडल,
बिच्छु ना दिखाना, मेरा श्याम ना जगाना,
अभी अभी सोया मेरा श्याम ना जगाना॥
भोले के हाथो में डमरू विराजे,
डमरू ना बजाना, मेरा श्याम ना जगाना,
अभी अभी सोया मेरा श्याम ना जगाना॥
भोले मेरी कुटिया में धीरे धीरे आना,
अभी अभी सोया मेरा श्याम ना जगाना॥

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile