Bhole Ki Nagari Me Mera Dil Deewana Ho Gaya
एक तो ब्रह्मांड सिर पर दूसरे गंगा साजे,
तीसरा माथे पर चंदा दिल दीवाना हो गया,
भोले की नगरी में मेरा दिल दीवाना हो गया…
एक तो तेरे कान बिच्छू दुजे माला नागों की,
तीसरा डमरू बजाना दिल दीवाना हो गया,
भोले की नगरी में मेरा दिल दीवाना हो गया…
एक तो अंगों पे भभूति तन बाघमबर सजा हुआ,
तीसरा घुंगरू बजाना दिल दीवाना हो गया,
भोले की नगरी में मेरा दिल दीवाना हो गया…
एक तो तेरे संग गौरा गोद में गणपत सजा,
तीसरा नंदी की सवारी दिल दीवाना हो गया,
भोले की नगरी में मेरा दिल दीवाना हो गया…
एक तो तेरा भोग धतूरा दूसरा भंगिया घुटी,
तिसरा नशे में झूमना दिल दीवाना हो गया,
भोले की नगरी में मेरा दिल दीवाना हो गया…

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile