Bhole Ki Deewani Hai Maa Parvati
हो जाओ भोले बाबा तुम तैयार,
है गौरा खड़ी लेकर फूलों का हार,
भोले की दीवानी है मां पार्वती।
भोले केसर का क्या-क्या श्रृंगार,
लंबी जटा और गंगा की धार,
फिर भी दीवानी है मां पार्वती।
भोले के माथे का क्या-क्या श्रृंगार,
तीसरा नेत्र और चंदा की धार,
फिर भी दीवानी है मां पार्वती।
भोले के कानो का क्या-क्या श्रृंगार,
बिच्छू ततैया और कुंडल श्रृंगार,
फिर भी दीवानी है मां पार्वती।
भोले के गले का क्या-क्या श्रृंगार,
मुंडो की माला और सर्पों का हार,
फिर भी दीवानी है मां पार्वती।
भोले के हाथों का क्या-क्या श्रृंगार,
लंबा त्रिशूल और डमरू की तान,
फिर भी दीवानी है मां पार्वती।
भोले के अंगो का क्या-क्या श्रृंगार,
बाघ अंबर छाला और भभूति अपार,
फिर भी दीवानी है मां पार्वती।
भोले के संग का क्या-क्या श्रृंगार,
भूत पिशाच और नंदी सवार,
फिर भी दीवानी है मां पार्वती।
भोले के चरणों का क्या-क्या श्रृंगार,
ढोलक चिमटा और भक्तों का प्यार,
फिर भी दीवानी है मां पार्वती।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile