भोले के हाथों में है भक्तो की डोर भजन लिरिक्स

भोले के हाथों में है भक्तों की डोर — यह भजन शिवजी की अपार कृपा और उनकी भक्तों पर अटूट भरोसे को दर्शाता है। भगवान शिव हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं, चाहे वे किसी भी परिस्थिति में हों। उनकी कृपा से हर संकट टल जाता है, और जीवन में सच्ची राह मिलती है। महादेव अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते, क्योंकि उनके हाथों में ही सृष्टि की बागडोर है। तो आइए, इस भजन को पढ़ें और भोलेनाथ की भक्ति में मन को रमाएँ।

Bhole Ke Hatho Me Hai Bhakto Ki Dor

भोले के हाथों में,
है भक्तो की डोर,
किसी को खींचे धीरे,
और किसी को खींचे जोर,
भोले के हाथो में,
है भक्तो की डोर।1।

मर्जी है इसकी हमको,
जैसे नचाए,
जितनी जरुरत उतना,
जोर लगाए,
ये चाहे जितनी खींचे,
हम काहे मचाए शोर,
किसी को खींचे धीरे,
और किसी को खींचे जोर,
भोले के हाथो में,
है भक्तो की डोर।2।

भोले तुम्हारे जब से,
हम हो गए है,
गम जिंदगानी के,
कम हो गए है,
बंधकर तेरी डोरी से,
हम नाचे जैसे मोर,
किसी को खींचे धीरे,
और किसी को खींचे जोर,
भोले के हाथो में,
है भक्तो की डोर।3।

खिंच खिंच डोरी जो,
संभाला ना होता,
हमको मुसीबत से,
निकाला ना होता,
ये चाहे जितना खींचे,
हम खींचते इसकी ओर,
किसी को खींचे धीरे,
और किसी को खींचे जोर,
भोले के हाथो में,
है भक्तो की डोर।4।

‘बनवारी’ टूटे कैसे,
भक्तो से नाता,
डोर से बंधा है तेरे,
प्रेमी का धागा,
तू रख इसपे भरोसा,
ये डोर नहीं कमजोर,
किसी को खींचे धीरे,
और किसी को खींचे जोर,
भोले के हाथो में,
है भक्तो की डोर।5।

भोले के हाथों में,
है भक्तो की डोर,
किसी को खींचे धीरे,
और किसी को खींचे जोर,
भोले के हाथो में,
है भक्तो की डोर।6।

भोलेनाथ अपने भक्तों के पालनहार हैं, उनकी डोर शिवशंकर के हाथों में है। जो भी श्रद्धा से उनका स्मरण करता है, वह कभी अकेला नहीं होता। अगर यह भजन आपको शिव की महिमा का अनुभव करवा रहा है, तो जय भोले भंडारी तू बड़ा उपकारी, भोले बाबा ने पकड़ा हाथ अकेला मत समझो, भोले तेरे भक्तों को तेरा ही सहारा है, और शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं भजन भी जरूर करें। ये सभी भजन भोलेनाथ की अपार कृपा और भक्तों के प्रति उनके स्नेह को दर्शाते हैं। ????????✨

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