Bhole Ke Dar Se Sab Kuchh Mila
मुकद्दर मेरा बन ही गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला,
मन का अँधेरा मिट सा गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला,
जीवन मेरा बन ही गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला……….
नाग गले में माथे पे चंदा,
श्रृंगार भष्मा का जटा में गंगा,
पीके विष का प्याला नीलकंठ भया,
भोले के दर से सबकुछ मिला,
मन का अँधेरा मिट सा गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला………
दुनिया से हारा वक्त का मारा,
भोले बाबा ने मुझको उबारा,
टूटी थी कश्ती किनारा दिया,
भोले के दर से सबकुछ मिला,
मन का अँधेरा मिट सा गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला………..
दीनदयाल वो दुःख है हरता,
मन की मुरादें पूरी है करता,
नाम प्रभु का जिसने लिया,
उसको भोले ने सबकुछ दिया,
मुकद्दर मेरा बन ही गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला………
जीवन मेरा बन ही गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला………
मुकद्दर मेरा बन ही गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला,
मन का अँधेरा मिट सा गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला………..
जीवन मेरा बन ही गया,
भोले के दर से सबकुछ मिला………

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile