शिव शंकर के दरबार में जो भी श्रद्धा से आता है, वह खाली हाथ नहीं जाता। भोले के दर पे आकर तो देखो भजन हमें महादेव की अपार कृपा का स्मरण कराता है। उनके दर पर न कोई भेदभाव है, न कोई बाधा—बस सच्ची भक्ति और प्रेम की आवश्यकता होती है। यह भजन हमें भोलेनाथ की असीम करुणा और भक्ति की शक्ति का एहसास कराता है।
Bhole Ke Dar Pe Aakar To Dekho
भोले के दर पे,
आकर तो देखो,
किस्मत को अपनी,
बनाकर तो देखो,
है कैसा सुकून मेरे,
दिल में है आया,
एक बार उज्जैन,
आकर तो देखो।1।
यह दर तेरा भोले,
जग से है न्यारा,
दरबार तेरा,
लगे हमको प्यारा,
हर एक भक्त आके,
लगाए ये नारा,
दरबार तेरा,
लगे हमको प्यारा।2।
रोता हुआ जो बाबा,
तेरे दर पे आया,
मन की मुरादें,
पूरी कर आया,
गूंजे जहां में,
तेरा जयकारा,
दरबार तेरा,
लगे हमको प्यारा।3।
भोले के दर पे,
आकर तो देखो,
किस्मत को अपनी,
बनाकर तो देखो,
है कैसा सुकून मेरे,
दिल में है आया,
एक बार उज्जैन,
आकर तो देखो।4।
महादेव की भक्ति में अपार सुख और शांति है। “भोले के दर पे आकर तो देखो” भजन की तरह “सच्चे मन से भोले को जिसने है ध्याया”, “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता”, “महाकाल की कृपा से सब काम हो रहा है”, और “शंकर भोले भंडारी तुम जन जन के हितकारी” जैसे भजन भी हमें शिवजी की अपार कृपा और उनके दरबार की महिमा का अनुभव कराते हैं। आइए, इन भजनों का पाठ करें और महादेव के चरणों में स्वयं को समर्पित करें। ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile