Bhole Ji Tera Milkar Bichhadna Yaad Aata Hai
भोले के माथे पर चंदा जटा में बहती है गंगा,
ना जाने क्यों तेरी गंगा में नहाना याद आता है,
भोले जी तेरा ना जाने मिलकर बिछड़ना याद आता है….
भोले के कान में बिच्छू गले में नाग काला है,
ना जाने क्यों मुझे माला पहनाना याद आता है,
भोले जी तेरा ना जाने मिलकर बिछड़ना याद आता है….
भोले के तन पर बाघमबर हाथ में डमरू बजता है,
ना जाने क्यों तेरा नचना नचाना याद आता है,
भोले जी तेरा ना जाने मिलकर बिछड़ना याद आता है….
भोले के संग में गोरा गोद में गणपत लाला है,
न जाने क्यों तेरी नंदी पर घूमना याद आता है,
भोले जी तेरा ना जाने मिलकर बिछड़ना याद आता है….
तेरा यह रूप न्यारा है देख दिल मेरा मचलता है,
न जाने क्यों तेरा सजना सवरना याद आता है,
भोले जी तेरा ना जाने मिलकर बिछड़ना याद आता है….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile