Bhole Di Ho Gai Sagai
भोले दी हो गई सगाई, जी वधाई होवे ।।
शिव शंकर कैलाश दा राजा,
बन गया शैल दा जवाई-जी वधाई होवे.
वज्जे ढोल मरदंग मजीरे,
वज्ज रही है शहिनाई जी वधाई होवे.
नच्च रहे गण, संत भगत जन,
नच्च रही सकल खुदाई जी वधाई होवे.
गरी शवारे, मिशरी मेवे,
बट रहे फल ते मिठाई जी वधाई होवे.
देवी देव ‘मधुप’ खुश होए,
खुश ने सब भैंण भाई जी वधाई होवे.

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile