Bhole Chala Nahi Jata Sawan Ka Mela Aa Gaya
भोले चला नहीं जाता सावन का मेला आ गया,
सावन का मेला आ गया सावन का मेला आ गया….
तेरे रस्ते में घोर अंधेर कैसे पर मैं आऊं,
मैं ज्योत जगा दूंगा तो क्यू रे भगत घबरा गया,
भोले चला नहीं जाता सावन का मेला आ गया….
मेरे पास ना पैसा धेला कैसे दर पर मैं आऊं,
मैं झोलियां भर दूँगा तू क्यू रे भगत घबरा गया,
भोले चला नहीं जाता सावन का मेला आ गया….
तेरे मंदिर ऊँची चढाई कैसे पर मैं आऊं,
मैं बाह पकड़ लूँगा तू क्यू रे भगत घबरा गया,
भोले चला नहीं जाता सावन का मेला आ गया….
डोले बीच भंवर मेरी नैया भोले मैं घबराऊ,
मैं पार लगा दूंगा तू क्यू रे भगत घबरा गया,
भोले चला नहीं जाता सावन का मेला आ गया….
लगा मन मंदिर में समाधि दे खोल तू मन के द्वार,
मैं दर्श दिखा दूंगा तू तक्यू रे भगत घबरा गया,
भोले चला नहीं जाता सावन का मेला आ गया….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile