भोले भंडारी बम बम त्रिनेत्रधारी बम बम

भोले भंडारी बम बम, त्रिनेत्रधारी बम बम भजन शिव जी की अनोखी महिमा और उनके दिव्य स्वरूप का गुणगान करता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि महादेव न केवल संसार के पालनहार हैं, बल्कि संहारकर्ता और पुनर्जन्म के दाता भी हैं। त्रिनेत्रधारी शिव जी का तीसरा नेत्र जब खुलता है, तो समस्त अज्ञान और अहंकार भस्म हो जाता है। यह भजन हर भक्त को शिव जी के अनंत शक्ति, भक्ति और आशीर्वाद का अनुभव कराता है, जिससे मन एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है।

Bhole Bhandari Bam Bam Trinetradhari Bam Bam

भोले भंडारी बम बम,
नंदी की सवारी बम बम,
त्रिनेत्रधारी बम बम,
गोरा पति जी बम बम,
नमः शिवाय नमः शिवाय,
नमः शिवाय,
कैलाशा में धुनी रमावे,
भस्मी रमावे वे अंग अंग,
भोलें भंडारी बम बम,
नंदी की सवारी बम बम,
त्रिनेत्रधारी बम बम,
नमः शिवाय नमः शिवाय,
नमः शिवाय।1।

सिर पर तेरे गंग बिराजे,
अर्ध चंद्रमा मस्तक पर साजे,
भांग धतूरा नीत का खावे,
ले भूतन को संग संग,
भोलें भंडारी बम बम,
नंदी की सवारी बम बम,
त्रिनेत्रधारी बम बम,
नमः शिवाय नमः शिवाय,
नमः शिवाय।2।

ओम नाम है सबसे प्यारा,
सारे जगत में तेरा उजियारा,
नाम जपे भोले का निस दिन,
किस्मत हो जाए चंग चंग,
भोलें भंडारी बम बम,
नंदी की सवारी बम बम,
त्रिनेत्रधारी बम बम,
नमः शिवाय नमः शिवाय,
नमः शिवाय।3।

गले में तेरे नाग भयंकर,
कण कण माही बसता शिव शंकर,
डम डम डम डम डमरू बजावे,
सब ने नचावे संग संग,
भोलें भंडारी बम बम,
नंदी की सवारी बम बम,
त्रिनेत्रधारी बम बम,
नमः शिवाय नमः शिवाय,
नमः शिवाय।4।

सब देवों में देव निराले,
महाकाल का दर्शन पा ले,
‘दिनेश’ तेरी महिमा गावे,
तेरी भक्ति में रंग रंग,
भोलें भंडारी बम बम,
नंदी की सवारी बम बम,
त्रिनेत्रधारी बम बम,
नमः शिवाय नमः शिवाय,
नमः शिवाय।5।

भोले भंडारी बम बम,
नंदी की सवारी बम बम,
त्रिनेत्रधारी बम बम,
गोरा पति जी बम बम,
नमः शिवाय नमः शिवाय,
नमः शिवाय,
कैलाशा में धुनी रमावे,
भस्मी रमावे वे अंग अंग,
भोलें भंडारी बम बम,
नंदी की सवारी बम बम,
त्रिनेत्रधारी बम बम,
नमः शिवाय नमः शिवाय,
नमः शिवाय।6।

भोले भंडारी बम बम, त्रिनेत्रधारी बम बम भजन करने से शिव जी की शक्ति और भक्ति का अद्भुत अनुभव मिलता है। महादेव की कृपा से हर भक्त निर्भय और आनंदित हो जाता है, क्योंकि उनकी भक्ति ही सबसे बड़ा धन है। अगर आपको यह भजन पसंद आया, तो शिव तांडव स्तोत्र, शिव चालीसा, जय शिव ओंकारा आरती, और महामृत्युंजय मंत्र भी करें। ये सभी भजन शिव जी की अपार कृपा को अनुभव करने का श्रेष्ठ माध्यम हैं। ????✨

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