Bhole Baba Chhod De Is Bhang Nashe Ne
छोड़ दे ओ भोले बाबा छोड़ दे,
इस भांग नशे ने छोड़ दे…..
एक दिना मैं गई थी लक्ष्मी धोरे बैठन को,
छिरसागर में विष्णु लेटे, लक्ष्मी पैर दबाती थी,
बोली यू लक्ष्मी हंसकर, मेरे ताना मारा कस के,
छोड़ दे ओ भोले बाबा छोड़ दे,
इस भांग नशे ने छोड़ दे…..
आजा वे पार्वती तने पीढ़े पर बैठाऊगी,
तेरे धोरे खाट को ना सेज पे सुलाऊंगी,
बोली यू लक्ष्मी हंसकर, मेरे ताना मारा कस के,
छोड़ दे ओ भोले बाबा छोड़ दे,
इस भांग नशे ने छोड़ दे…..
आजा पार्वती तने अपना महल दिखाऊंगी,
तेरे धोरे कुछ भी कोना सारे में घूमाऊंगी,
देख ले ऊपर चढ़के, मेरे ताना मारा कस के,
छोड़ दे ओ भोले बाबा छोड़ दे,
इस भांग नशे ने छोड़ दे…..
आजा पार्वती तने अपना खजाना दिखाऊंगी,
तेरे धोरे कुछ भी कोना ताला खोल दिखाऊंगी,
ले जा तू झोली भर के, मेरे ताना मारा कस के,
छोड़ दे ओ भोले बाबा छोड़ दे,
इस भांग नशे ने छोड़ दे…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile