Bhola Se Ban Gaye Bholi Ghughta Nikal Ke
सिर पे ओ भोले अपने चुनरिया डाल के,
भोला से बन गए भोली घुँघटा निकाल के…..
ये तो बता दो कहा छुपेगी ये कंठी ये माला,
ये कंठी ये माला..
कहां छुपाओ भोले अपनी ये सर्पो की माला,
ये सर्पो की माला..
इनको तो गोरा मेरी झोली में डाल दे,
भोला से बन गए भोली घुँघटा निकाल के….
ये तो बता दो कहा छुपेगा ये गंगा का पानी,
ये गंगा का पानी..
मर्दानी आवाज को भोले कैसे करोगे जनानी,
कैसे करोगे जनानी..
मुख पे तू गोरा मेरे घुँघटा बस डाल दे,
भोला से बन गए भोली घुँघटा निकाल के….
खबर पड़ी जब नंदलाला को नंदलाला मुस्काये,
नंदलाला मुस्काये..
सब तो आये बिन घूंघट के ये घूंघट में आये,
ये घूंघट में आये..
पाले पड़े हो भोले आज नंदलाल के,
भोला से बन गए भोली घुँघटा निकाल के….
घूंघट पलट दिया कान्हा ने भोलेनाथ मुस्काये,
भोलेनाथ मुस्काये..
उसी समय पर भोले दानी गोपेस्वर कहलाये,
गोपेस्वर कहलाये..
औघड़ दानी है भोले पर है कमाल के,
भोले से बन गए भोली घुँघटा निकाल के…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile