Bhola Mera Damaru Baja Ke Chala
भोला मेरा डमरू बजा के चला,
भोला मेरा डमरू बजा के चला,
कष्टों को मेरे चुरा के चला,
कष्टों को मेरे चुरा के चला…….
भोले तेरी प्रीत मे जोगन हो गई,
गौरा की भी खबर तो तू ले,
अरज़ मैं करती हूँ चरणों मे बैठी हूँ,
मेरी तरफ इक नज़र देख ले……
भोले तेरी प्रीत मे जोगन हो गई,
गौरा की भी खबर तो तू ले,
अरज़ मैं करती हूँ चरणों मे बैठी हूँ,
मेरी तरफ इक नज़र देख ले…..
माथे पे चंदा सजा के चला,
तन मृग छाला पहन के चला,
भोला मेरा डमरू…..
हम्म्म्म……
भोला मेरा डमरू बजा के चला,
भोला मेरा डमरू बजा के चला,
कष्टों को मेरे चुरा के चला,
कष्टों को मेरे चुरा के चला…..
एक ही क्षण मे दीवानी हुई,
कल तक महलो की रानी जो थी,
कैसी की तूने जादूगरी भोले,
वन वन संग भटकने लगी,
नंदी सवारी बनाके चला,
अपनी जटाये लहराके के चला,
भोला मेरा डमरू बजा के चला,
भोला मेरा डमरू बजा के चला,
कष्टों को मेरे चुरा के चला,
कष्टों को मेरे चुरा के चला,
माथे पे चन्दन लगा के चला,
अंगों मे भस्म रमा के चला…….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile