Bhola Mast Malang
महलों की रानी, राजकुमारी ll,
क्यूँ बंध गई तेरे संग ll,
तूँ भोला,
मस्त मलंग,,, भोला, मस्त मलंग,,, ll
भोला मस्त मलंग अड़ियो,
गौरां हो गई तंग अड़ियो,
मेरा, भोला मस्त मलंग अड़ियो,
गौरां हो गई तंग अड़ियो ll
युगों युगों से, तेरी मेरी कहानी ll
तूँ मेरा दीवाना, मैं तेरी दीवानी ll
क्यों ना रंगू मैं तेरे रंग ll,
तूँ भोला,,,
मस्त मलंग,,, भोला, मस्त मलंग,,, l
गौरां ने बीज लई, हरी हरी मेहन्दी ll
मेरे, भोले ने बीज लई भंग अड़ियो,
गौरां हो गई तंग अड़ियो,,,
मेरा, भोला मस्त मलंग,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
तूँ पीवे भोले, भाँग धतूरा ll
संग तूने बिठाया झुंड, भूतों का पूरा ll
वो हो गई रे, मैं यूँ तंग ll,
तूँ भोला,,,
मस्त मलंग,,, भोला, मस्त मलंग,,, l
गौरां दी उग गई, हरी हरी मेहंदी ll
मेरे, भोले दी उग गयी भंग अड़ियो
गौरां हो गई तंग अड़ियो,,,
मेरा, भोला मस्त मलंग,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
सबको तूँ देवें, महल मुनारे ll
मुझकों बिठाया, कैलाशों के किनारें ll
जाने ना दिल की तूँ उमंग ll,
तूँ भोला,,,
मस्त मलंग,,, भोला, मस्त मलंग,,, l
गौरां ने तोड़ लई, हरी हरी मेहंदी ll
मेरे, भोले ने तोड़ लई भंग अड़ियो,
गौरां हो गई तंग अड़ियो,,,
मेरा, भोला मस्त मलंग,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मैं ओढू भोले, शाल दुशाले ll
तूँ ओढ़े भोले मृग की छालें,
मुझको ना भावे तेरा ढंग ll,
तूँ भोला,,,
मस्त मलंग,,, भोला, मस्त मलंग,,, l

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile