भोला भांग तुम्हारी मैं घोटत घोटत हारी भजन में शिव जी की भांग की महिमा और उनकी भक्ति की गहराई को बड़ी खूबसूरती से दर्शाया गया है। आज मैं आपके साथ इस भजन को साझा कर रहा हूँ ताकि आप भी भोलेनाथ के उस अनमोल प्रेम और समर्पण को महसूस कर सकें।
Bhola Bhang Tumhari Main Ghotat Ghotat Hari Bhajan Lyrics
श्लोक–
भोले तो अलमस्त है,
पिए धतूरा भंग,
गले में सोहे कालिया,
जटा में सोहे गंग,
गंग भंग दो बहन है,
जो रहे उमा के संग,
जिन्दा तारण भंग है,
मुर्दा तारण गंग।।
भोला भांग तुम्हारी,
मैं घोटत घोटत हारी,
हमसे ना घोटी जाए,
तेरी एक दीना की होए तो घोटु,
रोज ना घोटी जाए।।
बम भोला बम भोला बम भोला,
बम भोला बम भोला बम भोला।
जिस दिन से मैं ब्याह के आई,
भाग हमारे फूटे,
राम करे ऐसा हो जाये,
ये सिलबट्टा टूटे,
ये रोज रोज की रगड़ झगड़,
हमसे तो सही ना जाये,
तेरी एक दीना की होए तो घोटु,
रोज ना घोटी जाए।।
बम भोला बम भोला बम भोला,
बम भोला बम भोला बम भोला।
नाजुक तन है नाज से पाला,
कैसे कहु कसाले,
घोटत घोटत भांग तुम्हारी,
हाथ में पड़ गए छाले,
मैं मायके को जाऊँ तो स्वामी,
अकल ठिकाने आए,
तेरी एक दीना की होए तो घोटु,
रोज ना घोटी जाए।।
बम भोला बम भोला बम भोला,
बम भोला बम भोला बम भोला।
भोलेनाथ माता पारवती को समझाते हुए,
सुन गणपति की महतारी,
तुम घोंटो भांग हमारी,
बिन भांग रहा नहीं जाए,
गौरां तुमको छोड़ दूँ लेकिन,
भांग ना छोड़ी जाए।
सुन गौरा सुन गौरा सुन गौरा
सुन गौरा सुन गौरा सुन गौरा।
भांग नहीं भगवती है ये,
घट घट में रहने वाली,
इसको पीकर ऋषि मुनि नारद,
निशदिन ध्यान लगाए,
गौरां तुमको छोड़ दूँ लेकिन,
भांग ना छोड़ी जाए।
बम भोला बम भोला बम भोला,
बम भोला बम भोला बम भोला।
भोला भांग तुम्हारी,
मैं घोटत घोटत हारी,
हमसे ना घोटी जाए,
तेरी एक दीना की होए तो घोटु,
रोज ना घोटी जाए।।
सुन गणपति की महतारी,
तुम घोंटो भांग हमारी,
बिन भांग रहा नहीं जाए,
गौरां तुमको छोड़ दूँ लेकिन,
भांग ना छोड़ी जाए।
सुन गौरा सुन गौरा सुन गौरा
सुन गौरा सुन गौरा सुन गौरा।
भोलेनाथ की भक्ति में समर्पण और आनंद की अद्भुत अनुभूति इस भजन से मिलती है। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “भोले बाबा के द्वार गई जो मांगी वो पा गई”, “डमरू वाले बाबा तुमको आना होगा”, “भोले भंडारी त्रिपुरारी तेरे शीश बहे गंगा प्यारी”, और “भोले के साथ पिले मचले जो दिल दीवाना” को पढ़कर आप अपनी भक्ति को और भी प्रगाढ़ कर सकते हैं।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile