भवम भवानी सहितं नमामि

Bhavam Bhavani Sahitam Namami

कर्पूर गौरम करुणावतारम, संसार सारम, भुजगेन्द्र हारम।
सदा वसंतम, हृदयारविंदे, भवम भवानी सहितं नमामि ।।
शिव भोले भंडारी, शिव कल्याणकारी। शंभु भवभयहारी, करुणावतार,
भवानी सहितं नम्न बारम्बार ।।

आदगुरू परमेश्वर, सदाशिव सर्वेश्वर।
नीलकण्ठ नागेश्वर, आशुतोष भोलेश्वर ।।
के नाना, के ना ना, नाम धाम, लिंगरूप अवतारी – शिव.

सज रही जटाओं में, ज्ञान-गंगा, ज्ञान-गंगा।
माथे पै है सज रहा, दिव्य चंदा, दिव्य चंदा ।।
के डमरू, के डमरू त्रिशूलधारी, बैल की स्वरी शिव.

शिव शंकर कैलाश पर, दूर रहते अबादी से।
राम नाम रस पीकर, रहते हैं समाधि में ।।
के औढर, के औढरदानी शम्भु, ‘मधुप हरि’ हितकारी-शिव.

Leave a comment