Bhasmi Rama Ke
सावन की ये रुत सुहानी,
रिम झिम गिरता पानी,
नाच रहे हैं नंदी बाबा,
नाच रहे भोले दानी ।
सावन की ये रुत सुहानी,
रिम झिम गिरता पानी,
नाच रहे हैं नंदी बाबा,
नाच रहे भोले दानी ।
भंग चढ़ा के चिलम जला के,
नाच रहे है भोले बाबा,
भस्मी रमा के…..
भोले मेरे भोले,
तेरे बिन कुछ ना यहां,
बाबा भोले बाबा तुम जहाँ,
हम हैं वहाँ,
कालों के काल हो तुम,
तुमने विष का है प्याला पीया,
जटा शंकर कैलाशी,
घट घट में है वास तेरा,
माथे पर चन्दन,
रुद्राक्ष माला,
हाथ लिए दानी,
नाच रहे हैं धरती अम्बर,
नाच रहे भोले दानी,
सावन की ये रुत सुहानी,
रिम झिम गिरता पानी,
नाच रहे हैं नंदी बाबा,
नाच रहे भोले दानी,
भंग चढ़ा के,
चिलम जला के,
नाच रहे है भोले बाबा,
भस्मी रमा के……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile