Bhang Ghot Ke Mane Pila De
गोरा बात मेरी ले मान,
भांग घोट के मने पिला दे हो तेरा एहसान,
भोले करले मेरा ध्यान,
हाथा मे छाले पड़गे घणी होगी में परेशान,
गोरा बात मेरी ले मान,
भांग घोट के मने पिला दे हो तेरा एहसान।
प्यारी लागे भांग मने तु घोट छान के पियादे,
ना घोटू तेरी भाँग ओ भोले पिहर मने पहोंचादे,
रे गौरा…. रे गौरा क्यूं बनगी नदान,
भांग घोट के मने पिला दे हो तेरा एहसान…..
भाँग छोड़ के खाले, कितनी मैवा और मिठाई,
तन मे मस्ती आवे मेरे भाँग तने जो प्याई,
रे खाले… रे खाले पुड़े और पकवान,
हाथा मे छाले पड़गे घणी होगी में परेशान…..
लग जा पीके भाँग समादी, सुझे अटल अटारी,
आ गी बात समझ में करले, भाँग मेरे ते प्यारी,
तेरा… तेरा हृदय मै आस्थान,
भांग घोट के मने पिला दे हो तेरा एहसान…..
तु मेरा मैं तेरी भोले, मानू तेरी बात,
मैं शिव हु तु आधीशक्ति, सदा हमरा साथ,
रे छेड़ो… रे छेड़ो हरिश मीठी तान,
हाथा मे छाले पड़गे घणी होगी में परेशान….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile