Bhakto Ka Beda Shiv Paar Kare
जटा में गंगा जी विहार करें,
भक्तों का बेड़ा शिव पार करें,
दर्शन जो एक बार करें,
भक्तों का बेड़ा शिव पार करें….
बैठे शंभू भभूति रमाए,
गले सर्पों की माला सजाए,
माथे पर चंदा उजियार करें,
भक्तों का बेड़ा शिव पार करें…..
कांधे सोहे जनेऊ सुंदर,
ओढ़े शंकर जी बाघाम्बर,
भांग धतूरे का आहार करें,
भक्तों का बेड़ा शिव पार करें….
नंदी गण शोभित हैं ऐसे,
सागर बीच कमल हो जैसे,
डमरू मधुर झंकार करें,
भक्तों का बेड़ा शिव पार करें…..
काहे उमा जो बम बम भोला,
निर्मल मन हो उसका चोला,
सत्संग जो एक बार करें,
भक्तों का बेड़ा शिव पार करें….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile