भगवान शिव का भस्म रमाने का स्वरूप उनके वैराग्य, तपस्या और अद्वितीय शक्ति का प्रतीक है। “भभूती रमाये बाबा भोलेनाथ आए” भजन हमें उस दिव्य दृश्य का अनुभव कराता है, जब महादेव अपने भक्तों के बीच प्रकट होते हैं, भभूति का श्रृंगार किए, गले में रुद्राक्ष की माला डाले, और अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए आते हैं। इस भजन का पाठ करते ही मन शिवमय हो जाता है, और हम भोलेनाथ की अलौकिक भक्ति में लीन हो जाते हैं।
Bhabhuti Ramaye Baba Bholenath Aaye
भभूती रमाये बाबा भोलेनाथ आए,
भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए,
भभूती रमाए बाबा भोले नाथ आए।1।
सखी एक बोली मैया बाहर पधारो,
आयो एक बाबा दिखे बड़ो मतवारो,
भिक्षा देयीके कहदो आसन पधारो,
भिक्षा देयीके कहदो आसन पधारो,
भभूती रमाए बाबा भोले नाथ आए,
भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए।2।
धरी थार कंचन को मैया सिधारी,
नमन करीके मैया वचन उचारी,
आशीष दीजे बाबा सुखी भये मुरारी,
आशीष दीजे बाबा सुखी वे मुरारी,
भभूती रमाए बाबा भोले नाथ आए,
भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए।3।
बोले भोले बाबा मैया आशीष लीजे,
किन्तु एक हेतु मैया सिद्ध करिजे,
लायी के लाला हमरे हाथ धरीजे,
लायी के लाला हमरे हाथ धरीजे,
भभूती रमाए बाबा भोले नाथ आए,
भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए।4।
बोली मैया बाबा म्हारो लाला डरी जईहे,
भेष थारो देखि बाबा रोने लगी जईहे,
याही ते बोलूं तोकु बात मान लईहे,
याही ते बोलूं तोकु बात मान लईहे,
भभूती रमाए बाबा भोले नाथ आए,
भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए।5।
बोले भोले बाबा मैया यहाँ ते ना जाउंगो,
अन्न जल छोड़ी मैया आसान जमाऊंगो,
जोगी हठ होती क्या है आज मैं दिखाउंगो,
जोगी हठ होती क्या है आज मैं दिखाउंगो,
भभूती रमाए बाबा भोले नाथ आए,
भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए।6।
अलख निरंजन कहिके आसन जमायो,
त्रिशूल गाड़ी भूमि डमरू बजायो,
देखि के प्रीती घर में लाला लजायो,
देखि के प्रीती घर में लाला लजायो,
भभूती रमाए बाबा भोले नाथ आए,
भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए।7।
रुदन करिबे लागे मैया दौड़ी आई,
लालन उठइके मैया ह्रदय लगाईं,
टोना करयो है काहू मन में ये आई,
टोना करयो है काहू मन में ये आई,
भभूती रमाए बाबा भोले नाथ आए,
भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए।8।
भभूती रमाये बाबा भोलेनाथ आए,
भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए,
भभूती रमाए बाबा भोले नाथ आए।9।
भोलेनाथ की भभूति मात्र से सारे कष्ट मिट जाते हैं और भक्त को अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। “भभूती रमाये बाबा भोलेनाथ आए” भजन की तरह “चिता भस्म से रोज इनका होता रूप श्रृंगार”, “डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का”, “शंकर हैं मतवाले”, और “हर हर महादेव बम बम बोले” जैसे भजन भी हमें शिवजी की भक्ति में और गहराई तक ले जाते हैं। आइए, इन पावन भजनों का पाठ करें और महादेव की कृपा प्राप्त करें। ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile