बजा दे डमरू फिर बजा दे

Baja De Damaru Fir Baja De

बजा दे डमरू फिर बजा दे
ओ भोले दमक उठा दे पी के थोड़ी भंग तू आजा मेरे संग तू ठुमका लगा जरा,
बजा दे डमरू फिर बजा दे

डमरू की डम डम कहती है बम बम,
सुरीली है धुन
सतो स्वर है इस में समाये झूमो सुन सुन
माँ शारदे जादू सा जगा गई
सब सर गर्मी इसी में समा गई ,
सारा संगीत है प्रेम और प्रीत है भगती का रस भरा
बजा दे डमरू फिर बजा दे

भरमा जी आये विष्णु जी आये थिरकने लगे थिरक ने लगे,
गनपत के संग में नंदी दीवानी ठुमक ने लगे
ये पर्वत सारा झुमने लगा
खुश होके चरण चूमने लगा
नाचे ये नजारे झूमे चाँद तारे खुश है गगन धारा,
बजा दे डमरू फिर बजा दे

देवो के देवा शंकर महादेवा निराले बड़े,
भगतो के संकट हरने को हर पल रेहते खड़े,
बिसरियां क्या है जग से वासता,
जो पकड़ा मैंने भगती रास्ता,
भोले जिस के साथ हो दिन हो जो रात हो उन से न वो डरा
बजा दे डमरू फिर बजा दे

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