Bahut Lagne Laga Hai Dar Shambhu
बहुत लगने लगा है डर,
दुनिया से भोले नाथ शम्भू,
बुरा हुआ बहुत जमाना,
करो कुछ भोले नाथ शम्भू….
अपनेपन का भाव रहा नहीं मन में,
जल रहा है आदमी एक दूजे से जलन में,
खाक हुए,हुए सब अनाथ शम्भू,
बुरा हुआ बहुत जमाना,
करो कुछ भोले नाथ शम्भू,
बहुत लगने लगा है डर….
धी बेटियों पर बहुत हो रहे हैं अत्याचार,
गुम वासनाओं में हो रहे हैं संस्कार,
मर्यादा मान का छोड़ रहे सब साथ शम्भू,
बुरा हुआ बहुत जमाना,
करो कुछ भोले नाथ शम्भू,
बहुत लगने लगा है डर….
भूला राजीव सब पूजा पाठ भक्ति विनती,
कोड़ी कोड़ी जोड़ने को याद रही उसे गिनती,
लोभ लालच की हो रही मन पे घात शम्भू,
बुरा हुआ बहुत जमाना,
करो कुछ भोले नाथ शम्भू,
बहुत लगने लगा है डर….
त्राहि माम का चारों ओर उठ रहा शोर है,
घिरा मन अंधियारे में,पाप चहुँ ओर है,
पछता रहे हैं सब कीजिए हमें माफ शम्भू,
बुरा हुआ बहुत जमाना,
करो कुछ भोले नाथ शम्भू,
बहुत लगने लगा है डर….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile