Asa Vekhana Hai Bhole Da Bayah
आज गौरा ते शिव दा बयाह आये शिव दूल्हा बनके,
असा वेखना है भोले दा बयाह आये शिव दूल्हा बनके……
राजा हिमाचल ने नगर सजाये ऐ, नगर सजाये ऐ,
प्रेम नाल सारे रिश्तेदार बुलाये ऐ, रिश्तेदार बुलाये ऐ,
कैसा सुन्दर मंडप सजा के आए शिव दुल्हा बनके,
अज गौरां ते शिव दा ब्याह…..
शिवां जी दे सिर उत्ते चांद सेहरा सजदा, चांद सेहरा सजदा,
हथ विच सर्पां दा कंगना पाया ऐ, कंगना पाया ऐ,
बुढे बैल उत्ते हो के सवार, आए शिव दुल्हा बनके,
अज गौरां ते शिव दा ब्याह…..
दही भल्ले पूरी छोले खीर वी बणाई ऐ, खीर वी बणाई ऐ,
शिवां जी दी खीर विच भंग वी मिलाई ऐ, भंग वी मिलाई ऐ,
नशा प्रेम वाला गया हुंण छा, के आए शिव दुल्हा बनके,
अज गौरां ते शिव दा ब्याह…..
शिव दी बारात वेख मैंना घबराई ऐ, मैंना घबराई ऐ,
सर्पां दी माला शिव गले विच पाई ऐ, गले विच पाई ऐ,
असां होण ना देणा ब्याह, के बोली मैंना राणी तन के,
अज गौरां ते शिव दा ब्याह…..
ब्रह्म विष्णु इंद्र ने मैंना समझाई ऐ, मैंना समझाई ऐ,
ताइयों हिमवान गौरां डोली विच पाई ऐ, डोली विच पाई ऐ,
रहे डम डम डमरू बजा, के आए शिव दुल्हा बनके,
अज गौरां ते शिव दा ब्याह…..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile