ऐसा दरबार कहाँ, ऐसा दातार कहाँ भजन भगवान शिव के दिव्य दरबार और उनकी अनंत महिमा का वर्णन करता है। इस भजन में भक्त भगवान शिव के दरबार की तुलना संसार के किसी भी और स्थान से नहीं कर पाता। वह कहता है कि शिव का दरबार सबसे श्रेष्ठ है, जहां भगवान की कृपा और आशीर्वाद का सागर हमेशा बहता रहता है। यह भजन भगवान शिव के प्रति भक्त की असीम श्रद्धा और विश्वास को प्रकट करता है।
Aisa Darbar Kahan Aisa Datar Kahan Bhajan Lyrics
ऐसा दरबार कहाँ,
ऐसा दातार कहाँ,
ढूंढी सारी ये दुनिया,
ऐसी सरकार कहाँ।।
मेरी ज़िन्दगी संवारी,
मुझे अपना बना के,
अहसान कर दिया है,
मुझको गले लगा के,
बाबा सारी दुनिया में,
तेरे जैसा प्यार कहाँ,
ढूंढी सारी ये दुनिया,
ऐसी सरकार कहाँ।।
मेरी नजर के आगे,
हर काम हो रहा है,
तकलीफ मिट गई है,
आराम हो गया है,
बाबा सब काम करे,
यहाँ इनकार कहाँ,
ढूंढी सारी ये दुनिया,
ऐसी सरकार कहाँ।।
सबकी है क्या जरुरत,
बस एक को मना लो,
भक्तो तुम अपना साथी,
भूतनाथ को बना लो,
और किसी की भी,
फिर दरकार कहाँ,
ढूंढी सारी ये दुनिया,
ऐसी सरकार कहाँ।।
ऐसा दरबार कहाँ,
ऐसा दातार कहाँ,
ढूंढी सारी ये दुनिया,
ऐसी सरकार कहाँ।।
“ऐसा दरबार कहाँ, ऐसा दातार कहाँ” भजन भगवान शिव के महिमामय दरबार का गान करता है, जहां भक्तों की हर आवाज़ सुनी जाती है और उनकी हर प्रार्थना स्वीकार होती है। भगवान शिव की उपासना से ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस भजन को पढ़ें और भगवान शिव की अनुकम्पा को अनुभव करें। साथ ही, शिव शंकर, महाकाल और भोलेनाथ के अन्य भजनों का आनंद लें, जो आपके जीवन को दिव्य आशीर्वाद से भर देंगे।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile