आई शिव रात्रि शिव का ध्यान धरो

महादेव की भक्ति में एक ऐसा आकर्षण है जो हर भक्त को उनकी ओर खींच लाता है। आई शिव रात्रि शिव का ध्यान धरो भजन हमें शिव रात्रि के पावन अवसर पर शिव जी के ध्यान और भक्ति की ओर प्रेरित करता है। इस भजन में शिव जी की कृपा, उनके दिव्य स्वरूप और भक्ति के महत्व का सुंदर वर्णन किया गया है। जब भी यह भजन किया जाता है, तब मन शिवमय हो जाता है और भक्ति की एक अनोखी लहर दिल में उमड़ने लगती है।

Aayi Shivratri Shiv Ka Dhyan Dharo

आई शिव रात्रि,
शिव का ध्यान धरो,
शिव शंकर ही दातार है,
भोले दिगम्बर है डमरू धर,
दुनिया का पालनहार है,
धरती अम्बर दशो दिशाओं में,
छाया हर्ष अपार है,
सारी श्रष्टि शिवमय हो गई,
चारो तरफ जय जयकार है,
नमो नमो शिव शंकरा,
नमो नमो शिव शंकरा,
तुमसा न दानी कोई,
जग में कोई दूसरा।1।

हो ब्रह्मा विष्णु स्वयं,
शिव जी के गुण गाये,
सुर नर गन्धर्व शीश झुकाये,
ऋषि मुनि भी शिव को ही ध्याये,
वेद पुराणो में शिव की महिमा गाये,
शिव ही आगाज है,
शिव अंजाम है,
शिव से ही ये संसार है,
सारी श्रष्टि शिवमय हो गई,
चारो तरफ जय जयकार है,
नमो नमो शिव शंकरा,
नमो नमो शिव शंकरा,
तुमसा न दानी कोई,
जग में कोई दूसरा।2।

शिव रात्रि के दिन,
जल जो चढ़ाते है,
भोले उनपे अपनी,
कृपा बरसाते है,
‘दिलबर’ मन चाहा,
फल वो पाते है,
शिव जी का जो ध्यान लगाते है,
शिव की महिमा अपरम्पार है,
जो भी करे व्रत बेड़ा पार है,
सारे जग का एक आधार है,
शिव नाम जो भी ले उसका उद्धार है,
नमो नमो शिव शंकरा,
नमो नमो शिव शंकरा,
तुमसा न दानी कोई,
जग में कोई दूसरा।3।

आई शिव रात्रि,
शिव का ध्यान धरो,
शिव शंकर ही दातार है,
भोले दिगम्बर है डमरू धर,
दुनिया का पालनहार है,
धरती अम्बर दशो दिशाओं में,
छाया हर्ष अपार है,
सारी श्रष्टि शिवमय हो गई,
चारो तरफ जय जयकार है,
नमो नमो शिव शंकरा,
नमो नमो शिव शंकरा,
तुमसा न दानी कोई,
जग में कोई दूसरा।4।

“आई शिव रात्रि शिव का ध्यान धरो” भजन करने से शिव भक्ति का आनंद कई गुना बढ़ जाता है। यह हमें शिव जी के चरणों में ध्यान लगाने और उनकी कृपा पाने का संदेश देता है। महादेव की भक्ति में डूबने के लिए शिव चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र, शिव आरती, और शिव पंचाक्षर स्तोत्र भी जरूर करें। ये सभी भजन शिव जी की कृपा पाने का अद्भुत माध्यम हैं और हमें आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाते हैं। ????✨

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