शिवरात्रि का पर्व आते ही सम्पूर्ण जगत में भक्ति और आनंद का वातावरण छा जाता है। आई शिवरात्रि आई सारे जग में खुशियां छाई भजन शिव भक्तों के हृदय में उमंग और श्रद्धा का संचार करता है। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो हमें शिवरात्रि के पावन अवसर पर शिव-पार्वती विवाह और भगवान शिव की दिव्यता का अनुभव होता है।
Aayi Shivratri Aayi Sare Jag Me Khushiyan Chhai
आई शिवरात्रि आई,
सारे जग में खुशियां छाई।
दोहा – आई है शिवरात सुहानी,
खुशिया बड़ी अपार,
सज गए देखो सभी शिवाले,
हो रही जय जयकार।
आई शिवरात्रि आई,
सारे जग में खुशियां छाई,
करते बम बम की जयकार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार।1।
ब्रह्म मुहूर्त में कर स्नाना,
एक लोटा जल भर ले आना,
बेल पत्र और फूल चढ़ाना,
शिव शंकर को आज रिझाना,
लो आया भोले का त्यौहार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार।2।
जग में ना महादेव है दूजा,
घर घर होती शिव की पूजा,
राम मनाए रावण पूजा,
सुख दुख में शिव नाम ही सूझा,
खड़े है हाथ जोड़ नर नार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार।3।
भोले का है भेष निराला,
कानन कुंडल गल मुंड माला,
माथे चंदा का उजियाला,
कर डमरू और नाग है काला,
है बहती शीष जटा गंगधार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार।4।
व्रत कर लो कैलाशपति का,
हो दर्शन शिव पार्वती का,
कर लो कैलाश पति का
छोड़ दे मोह माया का चक्कर,
‘लख्खा’ होजा शुद्ध मती का,
ये कहता राजपाल हर बार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार।5।
आयी शिवरात्रि आई,
सारे जग में खुशियां छाई,
करते बम बम की जयकार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार,
चलो रे शिव शंकर के द्वार।6।
शिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भगवान शिव की अनंत महिमा का उत्सव है। इस दिन हर भक्त महादेव की आराधना में लीन होकर उनकी कृपा का पात्र बनता है। “आई शिवरात्रि आई” भजन की तरह “हर हर शंभू शिवाय”, “भोलेनाथ का जलाभिषेक करें”, “शिवजी की बारात चली”, और “रुद्राष्टकम् का पाठ करें” जैसे भजन भी हमें शिवरात्रि के पावन अवसर की महिमा से जोड़ते हैं। आइए, इन भजनों का पाठ करें और महादेव की कृपा प्राप्त करें।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile