आत्मा जाग गई शिव भजन लिरिक्स

शिव भक्ति की राह पर जब मन पूरी तरह से डूब जाता है, तब आत्मा एक नई ऊर्जा और शांति का अनुभव करती है। आत्मा जाग गई भजन भी इसी दिव्य अनुभूति को प्रकट करता है। यह भजन न केवल शिव जी की महिमा का गुणगान करता है, बल्कि हमारे अंदर छिपी आध्यात्मिक शक्ति को भी जगाने का संदेश देता है। जब यह भजन गाया या किया जाता है, तो ऐसा लगता है मानो भोलेनाथ स्वयं हमारे हृदय में विराजमान हो गए हों।

Aatma Jaag Gayi Shiv Bhajan Lyrics

ऐसा भोले ने डमरू बजाया,
आत्मा जाग गई,
नाद ओंकार का यूं सुनाया,
नाद बम बम का मुझको सुनाया,
आत्मा जाग गयी,
शिव की जटा में थी गंग धारा,
धो गई मैल जो मन का सारा,
मैने गंगा में गोता लगाया,
आत्मा जाग गयी,
ऐसा भोले ने डमरू बजाया,
आत्मा जाग गयी।1।

भोले की बारात का न्योता,
बाबा भोले नाथ का न्योता,
ले के चंदा मेरी छत पे आया,
आत्मा जाग गयी,
ऐसा भोले ने डमरू बजाया,
आत्मा जाग गयी।2।

नींद कई जन्मों की टूटी,
शिव ने पिला के प्रेम की बूटी,
अपने हाथों से अमृत पिलाया,
आत्मा जाग गयी,
ऐसा भोले ने डमरू बजाया,
आत्मा जाग गयी।3।

गौरी साथ मेरे भोले के,
कोमल हाथ मेरे भोले के,
हाथ सर पे मेरे जब घुमाया,
आत्मा जाग गयी,
ऐसा भोले ने डमरू बजाया,
आत्मा जाग गयी।4।

ऐसा भोले ने डमरू बजाया,
आत्मा जाग गई,
नाद ओंकार का यूं सुनाया,
नाद बम बम का मुझको सुनाया,
आत्मा जाग गयी,
शिव की जटा में थी गंग धारा,
धो गई मैल जो मन का सारा,
मैने गंगा में गोता लगाया,
आत्मा जाग गयी,
ऐसा भोले ने डमरू बजाया,
आत्मा जाग गयी।5।

“आत्मा जाग गई” भजन करने से मन में एक अलग ही उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह हमें शिव जी की कृपा और उनकी अनंत शक्ति का एहसास कराता है। भोलेनाथ के भजन सदियों से भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते आ रहे हैं। अगर आपको यह भजन पसंद आया, तो शिव तांडव स्तोत्र, शिव चालीसा, शिव आरती, और महामृत्युंजय मंत्र भी जरूर करें। ये सभी भजन शिव भक्ति की अनुभूति को और गहरा कर देंगे। ????✨

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