Aarti Karo Harihar Ki Karo
आरती करो हरिहर की करो,
नटवर की,
भोले शंकर की,
आरती करो शंकर की…..
सिर पर शशि का मुकुट संवारे,
तारों की पायल झनकारे,
धरती अम्बर डोले तांडव,
लीला से नटवर की,
आरती करो शंकर की,
आरती करो हरि-हर की करो,
नटवर की,
भोले शंकर की,
आरती करो शंकर की…..
फणि का हार पहनने वाले,
शम्भू है जग के रखवाले,
सकल चराचर अगजग नाचे,
ऊँगली पर विषधर की,
आरती करो शंकर की,
आरती करो हरि-हर की करो,
नटवर की,
भोले शंकर की,
आरती करो शंकर की….
महादेव जय जय शिवशंकर,
जय गंगाधर जय डमरूधर,
हे देवो के देव मिटाओ,
तुम विपदा घर घर की,
आरती करो शंकर की,
आरती करो हरि-हर की करो,
नटवर की,
भोले शंकर की,
आरती करो शंकर की….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile